उत्तराखंड के लोकपर्व इगास यानि बूढ़ी दिवाली की धूम इस बार हर ओर दिखी, यहाँ तक की दिल्ली में सांसद अनिल बलूनी ने भी अपने दिल्ली आवास में इगास का कार्यक्रम रख सभी मंत्री , नेताओं को आमंत्रित किया। उत्तराखंड के इस लोक पर्व की चमक पहले तक कही न कही फीकी दिखती रही थी, लेकिन सीएम धामी द्वारा इस पर्व पर राजकीय अवकाश घोषित कर लोगो को इस पर्व के महत्व को बताने के लिए अहम कदम उठाया है…
इगास पर्व पर सीएम धामी की पहल काफी सराहनीय रही.. प्रदेश भर में सभी संस्थाओं एवं संगठनों के साथ आम जनता द्वारा इस पर्व में अपनी भागीदारी निभायी। इस दौरान हर ओर लोक संस्कृति एवं लोक परम्परा के इस पर्व पर उत्साह का माहौल दिखायी दिया।
मुख्यमंत्री आवास में भी लोकगीत लोकनृत्य एवं लोक संस्कृति के साथ लोक परम्पराओं के जीवन्तता की झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने भी खुद भेलो पूजन कर, भेलो खेलने के साथ लोक कलाकारों के साथ लोक नृत्य में भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखण्डवासियों से भी अनुरोध किया कि वे भी अपने लोक पर्व को अपने गांव में मनाने का प्रयास करें तथा प्रदेश के विकास में सहभागी बने, सभी के सामुहिक प्रयासों से हम विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्यों में शामिल करने में सफल होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी को इगास की बधाई दी तथा सभी से अपनी लोक संस्कृति एवं लोक परम्पराओं को आगे बढ़ाने में सहयोगी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश में सांस्कृतिक विरासत और गौरव की पुनर्स्थापना हो रही है। उसी तरह उत्तराखंडवासी अपने लोकपर्व इगास को आज बङे उत्साह से मना रहे हैं।