स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश ,प्रदेशभर में स्वास्थ्य विभाग में 1300 पदों पर होगी जल्द भर्ती

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स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश, प्रदेशभर में स्वास्थ्य विभाग में 1300 पदों पर होगी जल्द भर्ती

देहरादून प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय से रिक्त पड़े चतुर्थ श्रेणी के 1300 पदों को जल्द भरा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

शुक्रवार को यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास में हुई विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं।

जिलावार रिक्त पदों का विवरण:

  • देहरादून – 98
  • हरिद्वार – 110
  • चमोली – 190
  • टिहरी – 78
  • पौड़ी – 49
  • पिथौरागढ़ – 137
  • ऊधमसिंह नगर – 76
  • नैनीताल – 356
  • अल्मोड़ा – 30
  • उत्तरकाशी – 46
  • रुद्रप्रयाग – 85
  • चंपावत – 42
  • बागेश्वर – 02

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन भर्तियों से राजकीय चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और टीबी मुक्त भारत व एनीमिया मुक्त भारत अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए मंत्री ने दिए अहम निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए जिला और उप-जिला अस्पतालों का गैप एनालिसिस किया जाए, ताकि जरूरतों के अनुसार आवश्यक संसाधनों की पूर्ति की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, जिससे मरीजों को संक्रमण से बचाया जा सके।

मंत्री ने यह भी कहा कि हर भर्ती मरीज के बेड की चादर प्रतिदिन बदली जाए, जिससे अस्पतालों में स्वच्छता बनी रहे। इसके अलावा, अस्पताल परिसरों में जागरूकता बढ़ाने के लिए होर्डिंग लगाए जाएं, ताकि लोग स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें।

108 एंबुलेंस सेवा और कैंटीन संचालन में सुधार के निर्देश

आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंत्री ने 108 एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम न्यूनतम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है, इसलिए एंबुलेंस सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाए।

साथ ही, अस्पतालों में संचालित कैंटीनों की व्यवस्था को सुधारने के लिए भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके तीमारदारों को स्वच्छ, संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।

चिकित्सकों के लिए आवासीय सुविधाओं की व्यवस्था

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर कार्य-परिस्थितियां देने के लिए आवासीय सुविधाओं में सुधार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चिकित्सकों के लिए सरकारी आवासों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे वे सहजता से अपनी सेवाएं दे सकें।

स्वास्थ्य अभियानों को मिलेगी नई गति

मंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान और एनीमिया मुक्त भारत अभियान को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन अभियानों को सफल बनाने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इनसे लाभान्वित हो सकें।

इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, मिशन निदेशक एनएचएम स्वाति भदौरिया, अपर स्वास्थ्य निदेशक आनंद श्रीवास्तव, प्रभारी स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की मिशन निदेशक स्वाति भदौरिया, अपर स्वास्थ्य निदेशक आनंद श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी अनुराधा पाल, प्रभारी स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा और डॉ. अजीत मोहन जौहरी समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य उच्चाधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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