शासन द्वारा जारी एसओपी में तबादला एक्ट के तहत तबादले करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इनका पालन नहीं किया गया।
शिक्षा विभाग की कमजोर तैयारियों के चलते पहली बार सहायक अध्यापक एलटी शिक्षकों के अंतरमंडलीय तबादले अटक गए हैं। विभाग ने न तो तबादला एक्ट में आवश्यक संशोधन किया और न ही इसे धारा 27 के तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी के समक्ष रखा।
गढ़वाल से कुमाऊं और कुमाऊं से गढ़वाल मंडल में शिक्षकों के तबादले के लिए विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। शासन द्वारा तबादलों के लिए जारी एसओपी में स्पष्ट कहा गया था कि यह प्रक्रिया तबादला एक्ट के अनुरूप होगी, लेकिन इसकी अनदेखी कर दी गई।
राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय महामंत्री डॉ. सोहन माजिला के अनुसार, विभाग ने शिक्षकों से तबादलों के लिए आवेदन तो मांगे, लेकिन इसके बाद इसे धारा 27 के तहत आगे नहीं बढ़ाया, न ही तबादला एक्ट में कोई संशोधन किया गया। बिना आवश्यक संशोधन के ही एसओपी जारी कर दी गई, जिससे प्रक्रिया अधर में लटक गई।
तबादलों को लेकर विभाग की यह लापरवाही शिक्षकों के साथ अन्याय है। यदि एक्ट में समय पर संशोधन किया जाता, तो अंतरमंडलीय तबादलों का रास्ता साफ हो सकता था।