सतपुली। कोट विकास खंड के व्यासघाट स्थित विदेशी शराब की दुकान खोलने पर क्षेत्रवासियों ने भारी विरोध जताया।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान को सौंपे ज्ञापन में कहा कि व्यास घाट में एक गंगा नदी में व नयार नदी का संगम है जिसे इंद्र प्रयाग के नाम से भी पुराणों में उपमा दी गई है। यह क्षेत्र तीन विकास खंडों का पैतृक घाट भी है।
इसके अलावा वेदों के रचयिता भगवान महर्षि व्यास का प्राचीन मंदिर है । व्यास घाट व्यास चट्टी अनेकों धार्मिक ,पौराणिक,एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। यह स्थान चारधाम पैदल मार्ग का एक मुख्य पड़ाव भी है। इस धार्मिक पर्यटन स्थान पर विदेशी मंदिरा की दुकान खोलना शुभ नहीं है।

जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए व्यासघाट क्षेत्र में शराब का ठेका न खोले जाने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को इस विषय में आवश्यक कदम उठाने और उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने उप-जिलाधिकारी और जिला आबकारी अधिकारी को इस संबंध में तत्काल प्रभाव से उचित कदम उठाने को कहा है और निर्देश दिया है कि इस मामले में जल्द से जल्द आवश्यक कार्यवाही कर प्रशासन को सूचित किया जाए।
गौरतलब है कि जनपद में नई खोली जाने वाली 6 नई मदिरा की दुकानों में से एक के लिए व्यासघाट क्षेत्र को चिन्हित किया गया था। हालांकि, इस निर्णय का क्षेत्रवासियों और आसपास के ग्रामीणों द्वारा पुरजोर विरोध किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि व्यासघाट एक धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र है, जहां शराब की दुकान खोले जाने से सामाजिक ताना-बाना प्रभावित होगा। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इससे युवाओं और स्थानीय निवासियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, साथ ही क्षेत्र का शांतिपूर्ण वातावरण भी बाधित होगा। क्षेत्रवासियों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षेत्र पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है, और यहां शराब की दुकान खुलने से इसकी गरिमा को ठेस पहुंचेगी।
इस विरोध के चलते, बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया। विरोध करने वालों में ग्राम पंचायत नौगाँव की प्रशासक अनीता देवी, पूर्व प्रधान रामतीरथ बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता संजय बिष्ट, विधायक प्रतिनिधि कृष्ण मोहन तड़ियाल, कमलेश चौहान, बृजमोहन पोखरियाल, रामचंद्र सिंह, हेमंती देशवाल, स्वामी पुरूषोत्तम देव, अनिल चौहान, उप प्रधान सुनील तड़ियाल, रेखा देवी, पूजा देवी, पार्वती देवी, सुलोचना देवी, बलवंत सिंह रावत सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय नागरिक शामिल थे।
प्रदर्शनकारियों ने इस विषय पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई और मांग की कि प्रशासन इस फैसले को तुरंत रद्द करे। उन्होंने कहा कि यदि इस क्षेत्र में शराब की दुकान खोली जाती है, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से अपील की कि व्यासघाट क्षेत्र को शराब मुक्त रखा जाए और इसे धार्मिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक दृष्टि से सुरक्षित रखा जाए।
स्थानीय महिलाओं ने भी इस विरोध में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रशासन से अपील की कि वे उनकी मांगों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि शराब की बिक्री बढ़ने से सामाजिक बुराइयाँ भी बढ़ेंगी, जिससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी के साथ, उन्होंने यह भी बताया कि व्यासघाट क्षेत्र में शराब की दुकान खुलने से परिवारों के बीच तनाव और सामाजिक अव्यवस्था फैल सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि वे अपने क्षेत्र में इस प्रकार की दुकान को किसी भी स्थिति में खुलने नहीं देंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वह जनता की भावनाओं का सम्मान करे और इस निर्णय को वापस ले। अंततः, प्रशासन ने इस विरोध को गंभीरता से लिया और ज्ञापन पर तत्काल संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए कि व्यासघाट में शराब का ठेका न खोला जाए। साथ ही, उप-जिलाधिकारी और जिला आबकारी अधिकारी को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस निर्णय से क्षेत्रवासियों में संतोष की भावना है और उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे और यदि किसी भी तरह से इस निर्णय को बदला जाता है, तो वे और भी व्यापक स्तर पर विरोध करने के लिए तैयार रहेंगे।