सीएम धामी ने गुरूद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में टेका माथा

देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून स्थित आढ़त बाजार में गुरूद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गुरूद्वारे में माथा टेककर गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष श्रद्धा निवेदित की तथा संगत के साथ लंगर ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने संगत के साथ मिलकर पवित्र अरदास की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी तथा उनके चारों साहिबजादों—बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह—को वीर बाल दिवस के अवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों का जीवन त्याग, शौर्य, धर्मरक्षा और देशभक्ति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने भारत के स्वाभिमान और धर्म की रक्षा के लिए हँसते-हँसते अपने प्राणों का बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारों साहिबजादों का यह सर्वोच्च बलिदान न केवल भारतीय इतिहास में बल्कि पूरे विश्व में वीरता, साहस और अदम्य संकल्प का अनुपम उदाहरण है। इतिहास में ऐसा साहस, दृढ़ता और धर्मनिष्ठ त्याग कहीं और देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में भी इन नन्हें वीरों ने धर्म परिवर्तन स्वीकार करने के बजाय मृत्यु को स्वीकार करना उचित समझा। इन वीर साहिबजादों ने यह सिद्ध कर दिया कि स्वधर्म, संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहिबजादों का यह अमर बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमें अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ने और उससे प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पहली बार वीर साहिबजादों को उनका वास्तविक और ऐतिहासिक सम्मान दिया है। प्रधानमंत्री द्वारा 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित कर पूरे राष्ट्र को सिखों के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश अपने गौरवशाली अतीत को संजोने के साथ-साथ वीर बलिदानियों के सपनों का भारत गढ़ने की दिशा में संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी अभिभावकों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को वीर साहिबजादों की गाथा अवश्य सुनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं पर गर्व कर सकें और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत बनें।

कार्यक्रम में अध्यक्ष गुरु सिंह सभा सरदार गुरबक्श सिंह राजन, जनरल सेक्रेट्री सरदार गुलजार सिंह, उपाध्यक्ष सरदार चरणजीत सिंह, भाजपा महामंत्री दीप्ति रावत, सिद्धार्थ अग्रवाल, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, दायित्वधारी पुनीत मित्तल, श्याम अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में संगत एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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