योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन
देहरादून। राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।
इसी क्रम में ‘मेरी योजना’ पुस्तकों के माध्यम से आमजन को योजनाओं की सरल और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और जमीनी स्तर पर उनकी पहुंच सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
गोष्ठी में बताया गया कि ‘मेरी योजना’ पुस्तकों में राज्य सरकार द्वारा संचालित लगभग सभी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं को सरल भाषा में संकलित किया गया है। इन पुस्तकों को राज्य के सभी जनपदों और विकासखंडों में वितरित किया गया है, ताकि आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी सहज रूप से मिल सके।
सचिव, कार्यक्रम क्रियान्वयन ने विभागीय कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि “सरकार जनता के द्वार”, “हमारा संकल्प–अनुशासित प्रदेश” और “हमारा संकल्प–भयमुक्त समाज” जैसे शासनादेशों के तहत जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी रोस्टर के आधार पर गांवों का भ्रमण कर योजनाओं का निरीक्षण करते हैं।
जन चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान किया जाता है। साथ ही अधीनस्थ कार्यालयों का निरीक्षण कर अपराधों की स्थिति और उनके निस्तारण की समीक्षा भी की जाती है।
मंडलायुक्त स्तर पर भी निरीक्षण टीमों के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाता है।
इसके अतिरिक्त मंत्रीगण, सचिवगण और विशेष कार्याधिकारी भी नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की स्थिति पर आख्या प्रस्तुत करते हैं।
कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक स्थान पर संकलित कर ‘मेरी योजना’ पुस्तकों को तैयार किया गया है। इनमें योजना का नाम, लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवेदन के बाद की कार्यवाही को सरल भाषा में स्पष्ट किया गया है, जिससे आमजन को योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा हो सके।
इन पुस्तकों की प्रतियां जनप्रतिनिधियों, विभागाध्यक्षों, राजकीय पुस्तकालयों और जिलास्तरीय कार्यालयों को उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि यह जानकारी ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंच सके।
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने अपने संबोधन में सरकार की प्रमुख योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर उप महानिदेशक आकाशवाणी एवं दूरदर्शन एस.के. मीणा, संयुक्त निदेशक साक्षी सिंह और दूरदर्शन के कार्यक्रम प्रमुख अनिल कुमार भारती सहित अन्य अतिथियों ने भी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन वर्षा सिंह ने किया। गोष्ठी में दून विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं डीन ममगाई, एमकेपी कॉलेज की पूर्व प्राचार्य किरण सूद सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।












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