राज्य बाल कल्याण परिषद ने सदस्यता अभियान किया शुरू

जरूरतमंद बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आगे आएं

शिक्षा, स्वास्थ्य और संरक्षण के लिए समाज से सहयोग की अपील

आजीवन सदस्यता हेतु आवेदन आमंत्रित

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद ने प्रदेश के निर्धन, निराश्रित, अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के कल्याण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए समाज के जागरूक लोगों से सहयोग का आह्वान किया है।
परिषद ने आजीवन सदस्यता अभियान शुरू करते हुए इच्छुक नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
परिषद का कहना है कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, संरक्षण और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम समाज के सहयोग से ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकते हैं।

परिषद की पदेन अध्यक्ष महामहिम राज्यपाल, उत्तराखण्ड हैं।
परिषद वर्षभर जरूरतमंद बच्चों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित करती है, जिनका समय-समय पर महामहिम राज्यपाल द्वारा अनुश्रवण और मार्गदर्शन भी किया जाता है।

परिषद के कार्यक्रमों को सफल बनाने में कार्यकारिणी सदस्यों एवं आजीवन सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
आजीवन सदस्यता के इच्छुक व्यक्ति निर्धारित आवेदन पत्र भरकर परिषद कार्यालय अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से जमा कर सकते हैं।
सदस्यता के लिए एकमुश्त ₹2000 शुल्क निर्धारित किया गया है।

इसके अतिरिक्त प्रतिवर्ष ₹1200 सहयोग राशि अथवा स्वेच्छानुसार अधिक राशि परिषद के भारतीय स्टेट बैंक खाते में जमा कराई जा सकती है।
परिषद का बैंक खाता संख्या 10159526266 तथा IFSC कोड SBIN0010630 है। परिषद ने समाजसेवियों, शिक्षाविदों, उद्यमियों एवं जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे जरूरतमंद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस अभियान से जुड़कर अपना सहयोग प्रदान करें।

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