बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामला: आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, पूछताछ जारी

आरोपी प्रमोद नौटियाल देहरादून से गिरफ्तार

देहरादून। बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में चमोली पुलिस ने आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया।
रविवार की रात लगभग 10 बजे प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया गया। अभी कोतवाली बदरीनाथ में पूछताछ चल रही है। पुलिस जल्द ही आरोपी को जिला न्यायालय गोपेश्वर में पेश करेगी।

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है।
देर रात की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को बद्रीनाथ थाने लाया गया, जहां उससे मामले में गहन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से चढ़ावा चोरी और हेराफेरी के मामले में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक पूछताछ और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
जांच समिति ने गणना कक्ष के वीडियो फुटेज में आरोपी को रुपए ले जाते पाया। इसी के आधार पर आरोपी प्रमोद नौटियाल से पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब है कि आरोपी प्रमोद नौटियाल ने हाईकोर्ट में अपने निलंबन के खिलाफ याचिका दायर की है।इस मामले में हाईकोर्ट ने 16 जुलाई की तारीख तय की है।

बद्रीनाथ चढ़ावा (दान) चोरी प्रकरण: अब तक की प्रमुख घटनाओं की टाइमलाइन

2 जुलाई 2026

बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित अनियमितता और चोरी का आरोप सामने आया।
आरोप है कि गणना के दौरान दान राशि में हेराफेरी की गई। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि घटना सीसीटीवी में कैद हुई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि उस समय नहीं हुई।

3 जुलाई 2026

भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी को लिखित शिकायत भेजी।
शिकायत में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

4 जुलाई 2026

मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जांच के आदेश दिए।
प्रारंभिक जांच शुरू हुई और सीसीटीवी फुटेज व दस्तावेज खंगाले जाने लगे।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी को उनका “निजी सचिव” बताया जा रहा है, वह समिति का वैयक्तिक सहायक (पीए) है।

8–9 जुलाई 2026

प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद संबंधित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया।
उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की, जिसे पूरे प्रकरण की जांच और भविष्य में व्यवस्था सुधार के सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई।

9 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने मामले को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

11–12 जुलाई 2026

पुलिस और जांच एजेंसियों ने पूछताछ का दायरा बढ़ाया।
बीकेटीसी के कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई और दस्तावेजों व सीसीटीवी की गहन जांच शुरू हुई।

13 जुलाई 2026 (ताजा स्थिति)

प्रमोद नौटियाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
उच्चस्तरीय समिति और पुलिस दोनों स्तरों पर जांच जारी है।
यह भी जांच की जा रही है कि क्या मामला किसी एक कर्मचारी तक सीमित था या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका है।

वर्तमान स्थिति

एक कर्मचारी निलंबित।
एफआईआर दर्ज।
आरोपी से पूछताछ जारी।
उच्चस्तरीय समिति जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेज और गणना प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।
अब तक किसी अंतिम जांच रिपोर्ट या न्यायिक निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है।

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