सहमति और विश्वास बनने तक पेड़ों का कटान नहीं होगा: सीएम धामी

दून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन में पेड़ों के कटान पर राहुल गांधी गम्भीर

शुक्रवार की रात प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी से साझा की पीड़ा

देहरादून। छात्रों की गूंज कार्यक्रम से लौटते हुए राहुल गांधी से सात मोड़ के करीब पेड़ों के कटान के विरोध में जुटे लोगों ने आवश्यक कदम उठाने को कहा।
राहुल गांधी ने सभी प्रदर्शनकारियों की पीड़ा को सुनते हुए पेड़ों के कटान का मसला उठाने का भरोसा दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन पर मुकदमे लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल को निर्देशित कर दिया है।
शुक्रवार की रात दून-ऋषिकेश मार्ग में अपना काफिला रुकवा कर राहुल गांधी ने महिला व पुरुष आंदोलनकारियों से मनोबल बनाये रखने को कहा।
गौरतलब है कि बीते कई दिनों से इस मार्ग पर पेड़ कटान को लेकर विभिन्न संगठन, स्थानीय महिलाएं व उक्रांद के कार्यकर्ताओं की पुलिस से गंभीर झड़प हो रही है।लोग बिलखते हुए पेड़ कटान का जबरदस्त विरोध कर रहे हैं। और गिरफ्तारियां दे रहे हैं। स्थानीय महिलाएं भी जमकर विरोध कर रही हैं।

इस बीच, सीएम पुष्कर धामी ने शनिवार को यहां जारी बयान में कहा है कि
देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों का मैंने गंभीरता से संज्ञान लिया है।

यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिस पर उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही थी। परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास तथा छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रावधान किया गया है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी, जो अक्सर इस रास्ते में देखा जाता है।

सीएम धामी ने कहा कि
विकास हमारे लिए आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों से पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति एवं विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा।

मेरे लिए उत्तराखण्ड की प्रकृति, जनभावनाएँ और प्रदेश का विकास—तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। हमारी सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे बढ़ेगी।

राहुल गांधी के पेड़ कटान इलाके में प्रदर्शनकारियों से अहम मुलाकात और फिर सीएम धामी के बयान के बाद पेड़ों के कटान के स्थगित का आश्वासन मिला है। इस मार्ग के चौड़ीकरण में तीन हजार से अधिक पेड़ काटे जाने की योजना पर काम करते हुए कई पेड़ काट दिए। प्रदर्शनकारियों ने आरी व अन्य उपकरण फेंक कर अपने इरादे जता दिए हैं। लोगों का कहना है कि वनों से घिरे इस मार्ग में कभी भी जाम की स्थिति नहीं बनती। फिर भी इस मार्ग में पेड़ काटकर सड़क क्यों चौड़ी की जा रही है।

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