गढ़ भोज दिवस के अवसर पर विशेष व्याख्यान एवं प्रदर्शनी

नरेंद्रनगर। धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय में उत्तराखंड के पारंपरिक खाद्य संस्कृति एवं स्थानीय मोटे अनाजों के महत्व एवं आर्थिक महत्व पर व्याख्यान तथा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

सांस्कृतिक समिति के सदस्य डॉ० जितेंद्र नौटियाल ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में बीएससी गृह विज्ञान विभाग प्रभारी डॉ सोनी तिलारा द्वारा पारंपरिक मोटे अनाजों खाद्य पदार्थों जैसे चौलाई के लड्डू , मंडवा, झंगोरा ,कोनी, नौरंगी दाल,जख्या, भांग, भांजीरा, भट्ट की दाल आदि के पोषक मूल्य के बारे में छात्र-छात्राओं एवं आगंतुकों को विस्तार पूर्वक समझाया गया।

वाणिज्य विभाग की सहायक प्रध्यापिका डॉ भारती जायसवाल ने पारंपरिक व्यंजनों के आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालने के साथ ही वैश्विक पटल पर इन खाद्यानों की ब्रांडिंग हेतु आगे बढ़ कर कार्य करने का सुझाव रखा गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विजय सिंह नेगी ने छात्र-छात्राओं के साथ ही सभी उपस्थित जन से स्थानीय खाद्य पदार्थों के ज्यादा से ज्यादा उपयोग हेतु आह्वान किया। सभी ने झींगोर की खीर, ककड़ी और लूण मारसे के लड्डू, अरसे का स्वाद लिया । कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे

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