मंत्री रेखा के पति पर हत्या की साजिश रचने का आरोप, कानूनी कार्रवाई शुरू

मंत्री रेखा ने पति की दूसरी महिला से ऑडियो क्लिप की वॉयरल

देहरादून के कैंट थाने में मामला दर्ज, मंत्री अस्पताल में भर्ती

कांग्रेस बोली- कर्मा रिटर्न्स

देहरादून। नवरात्र पर प्रदेश में हाईप्रोफाइल सनसनीखेज मामला सामने आया है। भाजपा सरकार की महिला मंत्री ने स्वंय व बच्चों की सुरक्षा की मांग की है।

उत्तराखंड सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने ही पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। तबियत बिगड़ने पर मंत्री रेखा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मंत्री द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक, उन पर धोखाधड़ी, मारपीट, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला 15 अक्टूबर 2026 को कैंट थाने में दर्ज किया गया है।फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सभी आरोप जांच के दायरे में हैं।

एफआईआर में मंत्री ने खुद को अनुसूचित जाति की सदस्य बताया है। तहरीर में कहा गया है, “प्रार्थिनी रेखा आर्या पुत्री स्व. गोपाल राम, निवासी यमुना कॉलोनी, देहरादून उत्तराखंड में अधिसूचित अनुसूचित जाति की सदस्य हैं।”

मंत्री के अनुसार, उनकी शादी 6 जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिवाज से गिरधारी लाल साहू निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश के साथ हुई थी।

आरोप है कि पति ने शादी के समय खुद को अविवाहित बताया था। तहरीर में लिखा है, “श्री गिरधारी लाल साहू ने विवाह के समय ही प्रार्थिनी को धोखे में रखा कि वह अविवाहित है।”

पति गिरधारी साहू

मंत्री का कहना है कि कुछ साल बाद उन्हें पता चला कि पति पहले से ही विवाहित है और उसकी पहली शादी से बच्चे भी हैं।

तहरीर में कहा गया है कि तब तक उनके खुद के बच्चे हो चुके थे। घर वालों के समझाने और बच्चों के भविष्य को देखते हुए वह चुप रहीं।

पिछले कुछ समय से पति का व्यवहार बदलने का आरोप लगाया गया है। मंत्री को पता चला कि पति के अन्य महिलाओं से भी संबंध हैं।

“इस बारे में जब आपत्ति की तो शुरुआत में मेरे पति ने अपनी गलती मानते हुए लिखित और मौखिक रूप में माफीनामा दिया, परंतु माफीनामा के बाद भी वह इन कार्यों में लिप्त रहा,” एफआईआर में दर्ज है।

विरोध करने पर मारपीट का आरोप है। तहरीर में कहा गया है, “इन संबंधों का विरोध करने पर गिरधारी लाल साहू प्रार्थिनी के साथ मार-पिटाई और गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा।”

मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पति ने कई बार सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया।

आर्थिक धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया गया है। तहरीर में लिखा है, “गिरधारी लाल साहू ने प्रार्थिनी के कूट रचित हस्ताक्षर कर एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में प्रार्थिनी को कंपनी के निदेशक के पद से निवृत्त दर्शा दिया, जबकि प्रार्थिनी द्वारा ऐसा कोई भी दस्तावेज निष्पादित नहीं किया गया।”

सबसे गंभीर आरोप एक ऑडियो को लेकर है। मंत्री का दावा है कि उन्हें एक ऑडियो प्राप्त हुआ है।

“जिसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बात करते हुए प्रार्थिनी को जान से मारने का षड्यंत्र रच रहा है,” तहरीर में कहा गया है।

तहरीर के अंत में मंत्री ने सुरक्षा की मांग की है। “प्रार्थिनी को लगातार अपने और अपने नाबालिग बच्चों की जान का खतरा बना हुआ है, यह व्यक्ति कभी भी कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है,” उन्होंने कहा।

इस बीच मंत्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह रोते-बिलखते हुए अपनी पीड़ा बता रही हैं।

उन्होंने अपने पति के कथित 8 से 9 मिनट के ऑडियो क्लिप भी सार्वजनिक किए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गौरतलब है कि ऑडियो में गिरधारी महिला को 25 लाख देने की भी बात कर रहा है। यही नहीं, आगरा में फ्लैट खरीदने पर भी जोर दे रहा हस। गिरधारी साहू हत्या का आरोपी रह चुका है। इस हत्याकांड ने उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। पूर्व में भी साहू और एक अन्य महिला के रिश्ते को लेकर मंत्री ने बरेली में कानूनी कार्रवाई करवाई थी।

कांग्रेस ने बोला हमला, कहा- कर्मों का फल

इधर, इस पूरे प्रकरण पर कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने इसे अति संवेदनशील मामला बताया।

दसौनी ने कहा, “सच कहूं तो रेखा आर्या जी का यह वीडियो देखकर मन बहुत दुखी हुआ, लेकिन कहते हैं न, कर्मा रिटर्न्स।”

उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही मंत्री रेखा आर्या ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में दुष्यंत गौतम को क्लीन चिट देकर पैरोकारी की थी।

“मैं रेखा जी से कहना चाहती हूं, जब आप एक महिला एवं बाल विकास मंत्री होते हुए शोषित और प्रताड़ित महिलाओं के साथ खड़ी नहीं होंगी, तो ऐसे मौकों पर कौन साथ आकर खड़ा होगा?” दसौनी ने सवाल उठाया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा, “जिस राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हो, उस राज्य की आम महिला पर क्या बीत रही होगी? क्या आप सोच सकते हैं?”

उन्होंने ऑडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच की मांग की। “हम मांग करते हैं कि रेखा आर्या जी द्वारा जारी किए गए इन ऑडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच हो। यदि यह केवल सहानुभूति लेने के लिए जारी नहीं किया गया है और पति पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो आरोपियों पर कठोर से कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए,”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी निशाना साधा गया। दसौनी ने कहा, “पुष्कर सिंह धामी जी, आपने आज तक महिलाओं पर हुए किसी भी शोषण को गंभीरता से नहीं लिया। हम नौ हिमालयी राज्यों में महिला अपराध में नंबर एक पर आ गए हैं।”

उन्होंने अंत में कहा, “कम से कम अपनी कैबिनेट मंत्री, अपनी सहयोगी रेखा आर्या की इस पीड़ा को तो सुनिए और इस पर कार्रवाई करिए, ऐसी हम आपसे मांग करते हैं।”

12. First Information contents (प्रथम सूचना तथ्य):
नकल तहरीर टाईप शुदा हिन्दी वादिनी – सेवा में, श्रीमान प्रभारी निरीक्षक, थाना कैन्ट, जनपद देहरादून । महोदय, निवेदन है कि प्रार्थिनी रेखा आर्य पुत्री स्व० श्री गोपाल राम, उम्र 48 वर्ष, निवासी 10/11, यमुना कॉलोनी चकराता रोड, देहरादून की निवासी है। प्रार्थिनी उत्तराखंड राज्य में अधिसूचित अनुसूचित जाति की सदस्य है। प्रार्थिनी का विवाह श्री गिरधारी लाल साहू (पप्पू गिरधारी), निवासी श्रीबाबा बनखण्डी नाथ मंदिर, जोगी नवादा बरेली, उत्तरप्रदेश साथ दिनांक 06/07/2004 को हिंदू रीति रिवाज से संपन्न हुआ था। प्रार्थिनी का पति बरेली उत्तर प्रदेश का निवासी है तथा अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है तथा जिसे प्रारंभ से ही ज्ञात है कि प्रार्थिनी अनुसूचित जाति की सदस्य है। श्री गिरधारी लाल साहू ने विवाह के समय ही प्रार्थिनी को धोखे में रखा कि वह अविवाहित है, विवाह के कुछ वर्ष बाद प्रार्थिनी को सच्चाई पता चली कि वह पूर्व से विवाहित है और इनके पूर्व विवाह से बच्चे भी हैं, परन्तु तब तक प्रार्थिनी के बच्चे हो चुके थे और घर वालों के समझाने पर और बच्चों के भविष्य के दृष्टिगत प्रार्थिनी चुप रही।
पिछले कुछ समय से प्रार्थिनी के प्रति गिरधारी लाल साहू का व्यवहार बदलने लगा, जिसमें यह ज्ञात हुआ कि गिरधारी लाल साहू के अन्य महिलाओं से भी अवैध संबंध है। इस बारे में जब प्रार्थिनी ने आपत्ति की तो शुरूआत में मेरे पति ने अपनी गलती मानते हुए लिखित और मौखिक रूप में माफीनामा दिया, परंतु माफीनामा के बाद भी वह इन कार्यों में लिप्त रहा। इन संबंधों का विरोध करने पर गिरधारी लाल साहू प्रार्थिनी के साथ मार-पिटाई और गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा। कई बार प्रार्थिनी के सरकारी आवास में स्टॉफ के समक्ष भी अपमानजनक रूप से जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया।
प्रार्थिनी को यह ज्ञात हुआ है कि गिरधारी लाल साहू ने प्रार्थिनी के कूट रचित हस्ताक्षर कर एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में प्रार्थिनी को कंपनी के निदेशक के पद से निवृत्त दर्शा दिया जबकि प्रार्थिनी के द्वारा ऐसा कोई भी दस्तावेज निष्पादित नहीं किया गया ना ही कोई त्यागपत्र दिया गया। हाल ही में प्रार्थिनी को एक ऑडियो प्राप्त हुई है जिसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बात करते हुए प्रार्थिनी को जान से करने का षड्यंत्र रच रहा है। प्रार्थिनी को लगातार अपने और अपने नाबालिक बच्चों की जान का खतरा बना हुआ है यह व्यक्ति कभी भी कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।
अतः आपसे निवेदन है की गिरधारी लाल साहू के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें।
दिनांक- प्रार्थिनी sd अंग्रेजी अपठित 15/10/2026 रेखा आर्य पुत्री स्व० गोपाल राम, निवासी 10/11, यमुना कॉलोनी चकराता रोड, देहरादून – 248001
नोट – मैं C/C प्रमाणित करता हूँ कि नकल तहरीर शब्द व शब्द टाईप की गयी है , शिवाये

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