पैतृक जमीन पर भू माफियो का कब्ज़ा, “जवान” ने दी आत्मदाह की चेतावनी

प्रदेश में भू माफियो का आतंक इस कदर बढ़ गया है की कोई भी उनके सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं कर रहा है.. मामला श्रीनगर गढ़वाल का है जहा गढ़वाल राइफल में सिपाही अमित रावत अपनी ही पैतृक जमीन की सुरक्षा करने में असमर्थ हैं. श्रीनगर क्षेत्र के स्वीत गांव के एक सैनिक परिवार की पैतृक जमीन पर भू-माफिया द्वारा कब्जा किया जा रहा है. जिला प्रशासन के कई चक्कर लगाने के बाद भी सैनिक परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है. अब सैनिक ने खुद ही डीएम से मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई है. मदद नहीं मिलने पर सैनिक ने आत्मदाह की चेतावनी भी दी है.

श्रीनगर गढ़वाल के स्वीत गांव निवासी एवं गढ़वाल राइफल में सिपाही अमित रावत इन दिनों जम्मू-कश्मीर में भारत-पाक सीमा पर तैनात हैं. स्वीत गांव में रसूखदार भू-माफिया ने उनकी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा किया है. पैतृक भूमि को भू-माफिया से छुड़ाने के लिए सैनिक की मां, पत्नी ने जिला प्रशासन के कई चक्कर लगाए, मगर उनके हाथ खाली ही रहे. इससे आहत सैनिक अमित रावत अब डेढ़ महीने की छुट‌्टी लेकर खुद ही भू-माफिया से अपनी जमीन छुड़ानें की कोशिशें शुरू कर दी हैं.पढ़ें- ‘चारधाम यात्रा की गति को करेंगे धीमा’, दिव्य-भव्य यात्रा से पहले उत्तराखंड सरकार का सरेंडर!अमित अपनी मां और पत्नी के साथ डीएम दरबार पहुंचे. इस दौरान उन्होंने डीएम को बताया कि क्षेत्र के भू-माफिया अजय जुगरान एवं अर्जुन कंडारी जबरन उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. यही नहीं कई बार उनके परिवार के साथ मारपीट भी की गई है. उन्होंने कहा ये दोनों भू-माफिया काफी रसूखदार हैं. बताया जा रहा है कि अर्जुन कंडारी तो यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्राइवर है. ऊंची पकड़ होने के चलते जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है.

सिपाही अमित रावत ने डीएम द्वारा की कार्रवाई को भी नाकाफी बताया. उन्होंने कहा डीएम इससे पूर्व भी कई बार जांच के आदेश दे चुके हैं, लेकिन जांच के नाम पर भी केवल उन्हें ही परेशान किया जा रहा है. इन सबसे आहत सिपाही अमित रावत ने अब आत्मदाह की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे अपनी ही पैतृक जमीन पर ही आत्मदाह करेंगे.

ये है मामला: सिपाही अमित रावत के पिता के तीन भाईयों में ये पैतृक जमीन बंटी हुई है. कुछ समय पहले अमित रावत के चाचा-ताऊ ने अपने हिस्से की भूमि इन भू-माफिया को बेच दी थी, लेकिन भूमि का बंटवारा नहीं होने के चलते अमित रावत के हिस्से की भूमि का पता नहीं चल पा रहा. जिससे प्रशासन भी असमंजस में है. डीएम ने उन्हें पहले भूमि का बंटवारा करने की सलाह दी है

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