ढाई लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते में 3 फीसदी बढ़ोत्तरी

उत्तराखंड के करीब ढाई लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई से सरकार ने राहत दी है. सरकार ने महंगाई भत्ते में वृद्धि के आदेश जारी किए हैं. सातवां वेतनमान ले रहे कर्मचारियों को तीन प्रतिशत की वृद्धि के बाद अब 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रतिमाह मिलेगा. बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नियमित भुगतान एक मई यानी जून माह में देय वेतन के साथ होगा. एक जनवरी, 2022 से लेकर 30 अप्रैल तक पुनरीक्षित भत्ते के एरियर का भुगतान नकद किया जाएगा.

चम्पावत उपचुनाव में मंगलवार को मतदान संपन्न होते ही सरकार ने महंगाई भत्ते को लेकर इंतजार खत्म कर दिया. जून माह में मिलने वाले मई के वेतन के साथ कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मिलेगा. वित्त अपर सचिव गंगा प्रसाद की ओर से सातवें, छठे और पांचवें वेतनमान को ले रहे कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बढ़ाए गए महंगाई भत्ते के अलग-अलग आदेश जारी किए गए. सातवां वेतनमान ले रहे राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों और यूजीसी वेतनमान में कार्यरत शिक्षकों व पदधारकों और पेंशनर्स को एक जनवरी, 2022 से तीन प्रतिशत बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मिलेगा.

पांच हजार तक हुई वेतन में वृद्धि: छठे वेतनमान के अंतर्गत कार्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते में सात प्रतिशत की वृद्धि की गई है. उन्हें अब 196 प्रतिशत के स्थान पर 203 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा. इसी तरह पांचवां वेतनमान लेने वाले कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 13 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है. उन्हें 368 प्रतिशत के स्थान पर अब 381 प्रतिशत प्रतिमाह महंगाई भत्ता मिलेगा. कर्मचारियों को एक जनवरी, 2022 से 30 अप्रैल तक बढ़ा महंगाई भत्ता नकद मिलेगा.

एक मई से महंगाई भत्ते का भुगतान नियमित रूप से वेतन के साथ होगा. महंगाई भत्ता बढ़ने से कर्मचारियों के वेतन में 1200 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक वृद्धि होगी.बताया जा रहा है कि चंपावत विधानसभा सीट के उपचुनाव के मद्देनजर वित्त विभाग सीधे आदेश जारी करने से हिचक रहा था. हालांकि महंगाई भत्ते को सतत सरकारी प्रक्रिया के तौर पर देखा जाता है. वित्त विभाग ने आचार संहिता को लेकर किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए फाइल मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को भेज दी थी. सीईओ के परामर्श के बाद वित्त विभाग ने डीए जारी करने का निर्णय लिया.

उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते का बेताबी से इंतजार था. वित्त विभाग ने डीए का प्रस्ताव बनाकर फाइल मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री को अनुमोदन के लिए भेजी थी. मंगलवार को जैसे ही चंपावत विधानसभा सीट के उपचुनाव का मतदान संपन्न हुआ मुख्यमंत्री ने फाइल पर अनुमोदन दे दिया जिसके बाद वित्त मंत्री ने भी डीए की फाइल पर स्वीकृति दे दी.

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