प्रेमी से शादी करने पर बहन की हत्या के जुर्म में भाइयों को फांसी की सजा

विवाहिता की हत्या के चार साल पुराने मामले में एडीजे कोर्ट ने मृतका के दो सगे और एक ममेरे भाई को फांसी की सजा सुनाई है। दोषी बहन के प्रेम विवाह करने से नाराज थे। शादी के तीन साल बाद उन्होंने मां, बाप से सुलह का झांसा देकर बहन को मामा के घर बुलाया था। वहां गंडासे से काटकर उसकी हत्या कर दी थी।

लक्सर एडीजे कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता भूपेश्वर ठकराल ने बताया कि खानपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी नेपाल सिंह की बेटी प्रीति ने वर्ष 2014 में पड़ोसी गांव धर्मपुर निवासी ब्रजमोहन से प्रेम विवाह कर लिया था। इस कारण उसके परिजन नाराज थे। उसका अपने मायके में आना-जाना नहीं था। 18 मई 2018 को उसके भाइयों ने मां-बाप से सुलह कराने का झांसा देकर प्रीति को खानपुर के ही अब्दीपुर गांव में अपने मामा के घर बुलाया था। वहां पहले से घात लगाकर बैठे प्रीति के सगे भाई कुलदीप, अरुण और ममेरे भाई राहुल ने गंडासे से काटकर प्रीति की हत्या कर दी थी।

ब्रजमोहन ने चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने कुलदीप, राहुल औरर अरुण को जेल भेज दिया था। चौथे आरोपी का नाम मुकदमे से निकाल दिया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने इन्हीं तीनों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र भेजा था। तभी से इसकी सुनवाई लक्सर के एडीजे कोर्ट में चल रही थी। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिस, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर समेत कुल 15 गवाह पेश किए थे।

सुनवाई के बाद लक्सर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने हत्या के इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ द् रेयर मानते हुए तीनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है। अधिवक्ता ठकराल ने बताया कि तीनों को जेल भेजा गया है। अभी फांसी की तिथि तय नहीं हुई है। इस दौरान वे चाहें तो निर्णय की अपील कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *