बार की दहलीज तक हौसलों का कारवाँ था,
दर खुला, तो ‘इम्तिहान’ सामने खड़ा था
‘जुगाड़’ से देर रात तक खुले बार में ‘टकरा’ गए दो जिम्मेदार !
देहरादून। दून का एक चर्चित बार एक बार फिर सुर्खियों में है। यूं तो ब्रिगेडियर (रि.)एम के जोशी की गोली लगने से हुई मौत के बाद पुलिस प्रशासन ने तय अवधि से ज्यादा देर तक चलने वाले कई बार/रेस्टोरेंट पर कड़ी कार्रवाई की।
देर रात तक चेकिंग अभियान चलाकर हंगामा करने वालों की धर पकड़ भी की। इसके बाद भी एक चर्चित बार तय अवधि से ज्यादा देर तक खुला पाया गया।
बात शनिवार की देर रात की है। पुलिस को सूचना मिली की एक बार के नीचे कुछ शौकीन लोग आपस में उलझ रहे हैं।
सूचना मिलते ही एक जिम्मेदार पुलिस अफसर ने बार में छापा मारा। और तय अवधि से ज्यादा खुले बार को देख आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी। यह घटना देर रात12 बजे के बाद की है।
इस घटना में एकाएक नाटकीय मोड़ आता है। इसी बार/रेस्टोरेंट में एक बड़े जिम्मेदार अधिकारी भी मौजूद थे। रात गहरा चुकी थी। हवाओं में सुरूर की मस्ती घुली हुई थी। बार संचालक घबराए हुए थे।
इसी बीच, छापामारी कर रहे अधिकारी की ‘मुठभेड़’ अपने आलाधिकारी से हो गयी। आलाधिकारी ने मातहत को ढंग से गियर में ले लिया। तेज स्वरों में यह बात भी सार्वजनिक हो गयी कि जब वो यहां मौजूद थे तो कार्रवाई क्यों की गयी। अब घड़ी की सुईयां रात के 1 बजे को पार कर चुकी थी।
फिजां में रौब,गर्मी और तल्खी का कॉकटेल घुल गया। मातहत अधिकारी यस सर . यस सर कहते हुए सार्वजनिक तौर पर गुस्सा झेलता रहा।
मामले ने तूल पकड़ा । तो शहर के कानून व्यवस्था के मुख्य जिम्मेदार अफसर भी पूरे लाव लश्कर के साथ चर्चित बार में पहुंच गए। नियमों के उल्लंघन के आरोप में कुछ शौकीन हिरासत में ले लिए गए। बार संचालक को तय समय से पहले ही बार बन्द करने की चेतावनी दी गयी। मतलब यह कि अन्य बार निर्धारित समय पर खुलेंगे और बन्द होंगे। लेकिन अक्सर सुर्खियों में रहने वाला यह चर्चित बार समय से पहले ही बन्द कर दिया जाएगा।

बहरहाल, आला अफसर की खुलेआम मातहत अफसर की हड़कायी गर्मी में गर्म बहस का मुद्दा बन गयी है।
चूंकि, राजपुर रोड स्थित इस बार में बड़े बड़े लोगों का आना जाना लगा रहता है। और बार संचालक की भी यही कोशिश रहती है कि बड़े अधिकारी देर तक स्वाद लेते रहें। ताकि कोई मातहत कार्रवाई के लिए बार की सीढ़ियां चढ़ने से पहले सौ बार सोचे।
बहरहाल, रात को पकड़े गए शौकीन बाद में छोड़ दिये गए। कुछ जुर्माना भी थोपा गया ..शायद..।
इस सनसनीखेज मामले की पुष्टि भी जिम्मेदार ने की है।
एक ही विभाग के आला व मातहत अधिकारी के ‘बार एक्शन’ को लेकर चढ़ा पारा अब शांत हो गया है। लेकिन बार के तय अवधि से देर तक खोलने के इस ‘बेजोड़ जुगाड़’ की कहानी तो समय समय बांची जाती रहेगी….
बार के ढेर तक सपनों की रोशनी थी,
दर खुला, तो ‘हकीकत’ बड़ी सख़्त थी












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