देहरादून। पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल मदन मोहन लखेड़ा का 89 वर्ष की उम्र में देहरादून में निधन हो गया। मंगलवार को हरिद्वार में अंतिम संस्कार किया जाएगा। जनरल लखेड़ा ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल जैसे उच्च पद पर सेवाएं देने के साथ ही उत्तरी सेना कमांड के भी चीफ रहे। इसके अलावा वह पांडिचेरी और अंडमान निकोबार द्वीप केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल व मिजोरम के राज्यपाल भी रहे।
1937 में टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्ति नगर विकास खंड के जखण्ड़ गांव में जयानन्द लखेड़ा के पुत्र के रूप में जन्मे लखेड़ा ने 1958 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया। उन्हें शानदार सेवाओं के लिए विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और परम विशिष्ट सेवा मेडल भी प्राप्त हुए। 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान उन्होंने विभिन्न मोर्चों पर सेना का नेतृत्व किया।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें भारत सरकार ने महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे। पहले पांडिचेरी के और अंडमान द्वीप समूह के उपराज्यपाल रहे और फिर वर्ष 2006 से 11 के बीच मिजोरम के राज्यपाल भी।
टिहरी गढ़वाल के लोग उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी टिहरी के जिला पंचायत अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे भूदेव लखेड़ा के छोटे भाई के रूप में जानते हैं। 1990 के दशक में उन्हें पर्वतीय क्षेत्र में सेना की रुटीन भर्ती के अलावा विशेष सेना भर्ती रेलिया के आयोजन के लिए भी याद किया जाता है।
सेना में ऑफिसर हों या बाद के वर्षों में सेवानिवृत्ति के बाद राज्यपाल जैसे महत्वपूर्ण दायित्व के दौरान वे बहुत लो प्रोफाइल बन रहे। बहुत चर्चाओं में रहना उन्हें पसंद नहीं रहा और चुपचाप अपना काम करते रहे। (वरिष्ठ पत्रकार महिपाल नेगी)
पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एम. एम. लखेड़ा का निधन












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