हरदा के खिलाफ कांग्रेस का एक्शन प्लान? नेतृत्व ले सकता है बड़ा फैसला

प्रभारी के पत्र के बाद भी हरदा आज निकालेंगे जनसंवाद यात्रा

कांग्रेस आलाकमान भी सख्ती के मूड में

नई दिल्ली/ देहरादून। कांग्रेस आलाकमान भी सख्त रुख अपनाए हुए है। और पूर्व सीएम हरीश रावत भी कुमाऊं के जसपुर से हल्द्वानी तक जनसंवाद कार्यक्रम में जुटे हैं। यह यात्रा आज सोमवार 5 अक्टूबर को होनी है।

पार्टी संगठन से इतर निकाली जा रही हरदा की इस निजी जनसंवाद यात्रा को लेकर पार्टी हाईकमान कड़ा पत्र जारी कर चुका है।
प्रदेश प्रभारी सैलजा ने जनसंवाद यात्रा को लेकर हरदा को नसीहत देते हुए यात्रा रोकने को कहा है। लेकिन हरीश रावत ने भी सोशल मीडिया में अपने तेवर जाहिर कर दिए है।
हरीश रावत को भेजे पत्र में प्रभारी सैलजा ने कहा कि –
हमारे संज्ञान में आया है कि आप राज्य में एक यात्रा निकाल रहे हैं। इस संबंध में न तो मुझसे और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से कोई चर्चा की गई है। इसके अलावा, हाल ही में आपके द्वारा कुछ विवादास्पद बयान दिए जाने की भी जानकारी मिली है।
राज्य में विधानसभा चुनाव अगले कुछ महीनों में होने हैं और ऐसे समय में पार्टी को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। आप समझेंगे कि इस महत्वपूर्ण समय पर इस तरह का कोई समानांतर कार्यक्रम पार्टी के हित में नहीं होगा।
अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया इन कार्यक्रमों को आगे न बढ़ाएं।

इधऱ, कुछ घण्टे पहले हरीश रावत ने भी इशारों में ‘प्यार पर पहरा’आदि शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस के झंडे तले जनसंवाद यात्रा के श्रीगणेश के लिए कमर कस ली है।
हरदा ने जसपुर से हल्द्वानी जनसंवाद यात्रा से ठीक पहले सोशल पोस्ट में लिखा है-
साथियों, चुनौती बड़ी है। लेकिन उत्तराखंड के स्वाभिमान के लिए हमारा संकल्प भी दृढ़ है! ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ के इस दौर में अब रुकना नहीं है। उठो, चलो… राज्य में बदलाव लाना है और कांग्रेस को वापस लाना है!
जसपुर से हल्द्वानी तक, आइए आज साथ मिलते हैं, संवाद करते हैं और देवभूमि के हक की लड़ाई को आगे बढ़ाते हैं।

कांग्रेस हाईकमान के पत्र के बाद हरदा ने अपना कार्यक्रम स्थगित नहीं किया। चुनावी टीम से साल भर पहले बाहर किये गए हरदा की इस जनसंवाद यात्रा के बाद कांग्रेस नेतृत्व के कड़ा रुख अपनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुछ दिन पहले ही बीमारी से उठने के बाद हरीश रावत की पार्टी के समानांतर अपने कार्यक्रम आयोजित करने से दिल्ली तक कलह ने भी पैर पसार लिए है।
कांग्रेस के बाकी सभी गुट हरदा के एकला मूव को चुनावी तैयारियों के लिए ग्रहण मानकर चल रहे है। हालांकि, हरीश समर्थक जनसंवाद यात्रा को कांग्रेस के हक में बता रहे हैं।
लेकिन इस चकल्लस के बाद कांग्रेस का रायता बिखरना शुरू हो गया है। भाजपा भी इसी स्वर्णिम मौके को लपकने के लिए तैयार बैठी है।अगर, हरदा की निजी स्तर पर किए जा रहे कार्यक्रम नहीं रुके तो पार्टी हाईकमान बड़ा कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा। ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं। कांग्रेस की यह अंदरूनी जंग ‘निर्णायक’ मोड़ पर पहुंचती दिख रही है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *