रेखा आर्य बोलीं—सार्वजनिक है मेरी आय का पूरा विवरण

पति की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर मंत्री ने दी सफाई

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देहरादून। पति की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भाजपा मंत्री रेखा आर्य ने सीधे जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि चुनावों और नामांकन के दौरान अपनी आय समेत जरूरी जानकारियां सार्वजनिक की हैं और छिपाने के लिए उनके पास कुछ नहीं है।

कैबिनेट मंत्री ने अपने खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से साफ किनारा किया। निजी अस्पताल में भर्ती रेखा आर्य ने मीडिया से बातचीत में मुख्य रूप से पति के खिलाफ दी गई तहरीर और सामने आए कथित ऑडियो का जिक्र किया।

रेखा आर्य ने कहा कि उन्होंने अपनी तहरीर में पति के व्यवहार में बदलाव का उल्लेख किया था। उनके मुताबिक, यह बदलाव जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और उनके सहयोगियों को धमकाने के रूप में सामने आया।

“अवैध संबंधों के चलते एक व्यवहारिक परिवर्तन हम बराबर अपने जीवन में देख रहे थे,” उन्होंने कहा। “जब यह बदलाव दिखाई दिया तो मेरे मन में सवाल उठा कि आखिर ये सब क्यों हो रहा है?”

मंत्री के अनुसार, कुछ पड़ताल के दौरान एक ऑडियो सामने आया। उन्होंने दावा किया कि उसमें उनके पति की ओर से उनके लिए अपमानजनक संबोधन और उन्हें नुकसान पहुंचाने की बात का समर्थन सुनाई देता है। आर्य ने कहा, “जिस व्यक्ति के साथ मैंने 22-23 साल पूरी ईमानदारी और समर्पण से बिताए, उसके बारे में ऐसी बातें सुनकर मेरी ही नहीं, सबकी आंखें खुलनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ऑडियो सामने आने के बाद उन्हें लगा कि लोगों को भी इसकी जानकारी होनी चाहिए, इसलिए उन्होंने इसे सार्वजनिक किया।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर पूछे जाने पर आर्य ने अपने राजनीतिक जीवन और चुनावी दस्तावेजों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 2003 में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य के रूप में उनकी राजनीति शुरू हुई थी। इसके बाद विधानसभा चुनाव लड़ा और उनका राजनीतिक सफर आगे बढ़ा।

“जिला पंचायत सदस्य के नामांकन से लेकर 2012, 2014 और 2022 तक मैंने आय से जुड़ी जानकारियां दी हैं,” उन्होंने कहा। “मेरा सब कुछ पब्लिक डोमेन में है। ऐसा कुछ भी नहीं है जो छिपा हुआ हो। मेरी कार्यशैली से आप सब परिचित हैं।”

आर्य ने यह भी सवाल उठाया कि यदि उनके खिलाफ आरोप पहले से थे, तो उन्हें तहरीर देने से पहले सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि तहरीर वापस लेने या न लेने के आधार पर आरोपों के बदलते रहने की बात भी विचारणीय है।

“यदि तहरीर वापस ले ली जाए तो सब कुछ ईमानदार हो जाता है, और वापस न लें तो आरोप अपनी जगह जुड़े रहते हैं,”

इस मुद्दे पर दर्ज मुकदमे में अभी कोई कार्रवाई सामने नहीं आयी है। पति गिरधारी ने भी 16 अक्टूबर को वीडियो जारी कर 210 करोड़ की अवैध सम्पत्ति का जिक्र कर जबरदस्त विस्फोट किया। गिरधारी ने भ्र्ष्टाचार के आरोपों के समर्थन में भविष्य में भी खुलासा करने की बात कही है।
इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। उधर, कांग्रेस ने मंत्री व पति विवाद के अलावा दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के मुद्दे पर आंदोलन को नई धार देने का भी कार्यक्रम तय किया है।

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