भराड़ीसैंण विस सत्र- सड़क पर संग्राम, जाम से बढ़ी परेशानी

उक्रांद कार्यकर्ता समेत पुलिस के जवान भी हुए घायल

राजनीतिक दलों और जनसंगठनों ने खोला मोर्चा

गैरसैंण। मंगलवार से भराड़ीसैंण में शुरू हुए विधानसभा सत्र के दौरान अंदर सदन में सरकार अपनी तैयारियों में व्यस्त थी तो बाहर सड़क पर संग्राम का सा नजारा था।
प्रदेश के विभिन्न भागों से आए करीब दस हजार लोगों ने सारी बाधाएं तोड़ कर विधानसभा तक पहुंचने की जद्दोजहद की। कई जगह जाम लगने से विधायक प्रेमचंद अग्रवाल व लखपत बुटोला समेत कई पत्रकार भी भराड़ीसैंण नहीं पहुंच सके।
धक्का मुक्की में उक्रांद का एक कार्यकर्ता भी गम्भीर रूप से घायल हुआ।
इधऱ, एसपी सुरजीत पंवार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने और जाली उखाड़ने से एवं धक्का-मुक्की में चोट लगने से पुलिस के आठ अधिकारी कर्मचारी भी घायल हुए हैं । पुलिस के एक कैमरा मैन का हाथ भी फ्रेकचर हुआ है।

कांग्रेस, यूकेडी, सुराज सेवा दल के साथ ग्राम प्रधानों और कुछ अन्य संगठनों ने पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग को एक नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक स्थानों पर तोड़ा। सिमली से ही पुलिस ने यातायात नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की थी। वह बैरिकेडिंग एक ही झटके में आंदोलनरत लोगों ने तोड़ डाली।

जंगलचट्टी से दिवालीखाल तक जोरदार प्रदर्शन

गैरसैंण के निकट जंगलचट्टी क्षेत्र में विधानसभा सत्र के बीच यूकेडी, सुराज सेवा दल, कांग्रेस समेत अन्य दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विभिन्न दलों के इस प्रदर्शन से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। प्रदर्शनकारी जब आगे दिवालीखाल पहुंचे तो वहां भी उनकी पुलिस के साथ खूब नोंकझोंक हुई।

प्रदर्शनकारी भारी जद्दोजहद के बाद विधानसभा के निकट बैरिकेडिंग तक पहुंचे तो वहां पानी की बौछारों से पुलिस ने उनका जोश ठंडा करने का प्रयास जरूर किया लेकिन नारेबाजी निरंतर जारी रही। छह बैरिकेडिंग तोड़ कर अंततः करीब दो सौ लोग विधानसभा परिसर के करीब तक पहुंच सके, जहां पुलिस ने उन्हें काबू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत तथा उनके सहयोगियों को पुलिस ने दिवालीखाल में हिरासत में ले लिया था। उसके बाद प्रदर्शन की धार थोड़ा कमजोर जरूर हुई लेकिन यूकेडी कार्यकर्ता पूरे दमखम के साथ डटे रहे।

इस दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश में यूकेडी के एक कार्यकर्ता की गंभीर रूप से घायल होने की सूचना भी है। बताया जा रहा है कि बैरिकेडिंग तोड़ने के प्रयास में उसका पेट छिल गया था।

इस बीच, कुछ लोग जंगल के रास्ते विधानसभा परिसर के करीब पहुंचने की कोशिश भी करते रहे। विधानसभा के पास छठी बेरिकेडिंग तोड़ने के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को रोका। तब तक उनकी संख्या भी काफी कम हो चुकी थी। जंगलचट्टी में जहां प्रदर्शनकारियों की संख्या दस हजार तक आंकी जा रही थी, वहीं विधानसभा के निकट यह संख्या सैकड़ों तक सिमट गई और पुलिस का काम आसान हो गया।

जाम से आम लोग हुए हलकान

विधानसभा सत्र के पहले दिन सिमली से ही जाम शुरू हो गया था। जाम का आलम यह था कि कई विधायक समय पर विधानसभा नहीं पहुंच पाए। पूर्व कैबिनेट मंत्री और ऋषिकेश के विधायक प्रेम चंद अग्रवाल जंगलचट्टी में जाम से जूझते नजर आए। वे दिन में करीब दो बजे विधानसभा में पहुंच पाए। कुछ सरकारी अधिकारी भी जाम में फंसे रहे।

बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला भी देर से पहुंचे, क्योंकि वे स्वयं हरक सिंह रावत के साथ प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे थे। आम लोगों को जाम के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीज भी जाम में फंसे। वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से यह परेशानी और भी बढ़ी।
हालांकि,पुलिस ने यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए भारी इंतजाम किए थे लेकिन प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ ने पुलिस के प्रबंध बौने कर दिए। मंगलवार को हुए प्रदर्शन ने पुलिस को अपनी रणनीति बदलने के लिए बाध्य कर दिया है ताकि बुधवार को इस तरह के हालात की पुनरावृत्ति न हो।

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